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Showing posts from July, 2021

गुरुपूर्णिमा के पर्व में आमोलेश्वरधाम में हुआ कार्यक्रम

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  आमोलेश्वरधाम में मनाया गया गुरुपूर्णिमा का पर्व गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व पर डिंडौरी और उमरिया जिले की सीमा पर स्थिति दर्शनीय स्थल आमोलेश्वरधाम में आज भक्तों द्वारा कार्यक्रम किया गया..! आमोलेश्वर धाम आश्रम सेवा संघ के सदस्य देवलाल सिंह ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अमोलेश्वरधाम में गुरुपूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया गया , आज रिमझिम बारिश के बीच आसपास के क्षेत्र से एवं कई जिले से लोग भारी संख्या में आश्रम पहुँचे.! आपको बता दे कि आज आश्रम में सर्वप्रथम मुख्य मंदिर में पूजा अर्चन के बाद , आश्रम के संत थानापति सेवागिरी जी , संत योगी नाथ जी एवं दूर-दूर से आये हुए महात्माओ ने मंत्र उच्चारण के साथ ही आमोलेश्वर धाम आश्रम के मुख्य महंत एवं श्री श्री 108 श्री स्वामी भगतगिरी बच्चू महाराज जी की पूजा अर्चन कर महाराज जी का आशीर्वाद लिया , साथ ही भक्तों द्वारा यहां रामायण कीर्तन एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमे हजारो की संख्या में श्रद्धालुओं में प्रसाद ग्रहण किया..! वैसे तो आश्रम में प्रत्येक पूर्णिमा को कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं लेकिन अमोल आश्रम सेवा संघ द्वारा गुरुपूर्णिम...

वनग्राम गढ़ी

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वनग्राम गढ़ी  वनग्राम गढ़ी   मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी जिले के शहपुरा जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मगरटगर के अंतर्गत एक छोटा सा वनग्राम हैं गढ़ी! वनग्राम गढ़ी डिंडौरी जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर और शहपुरा नगर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है.!            वनग्राम गढ़ी , जंगलों के बीच बसे होने के कारण यह गाँव को वनग्राम घोषित किया गया हैं , वनग्राम जो होते है इन्हें प्रशासन द्वारा एक विशेष दर्जा प्राप्त होता है, यह गाँव जंगलों में बसे होने के कारण अति पिछड़े माने जाते है, वनग्राम गढ़ी में कुछ विशाल पत्थरों की शिलाएं रखी हुई हैं ,  बताया जाता हैं कि वनग्राम गढ़ी में गोंडवाना राजाओं की यह कुछ निशानियां हैं जो आज भी यहां मौजूद है,              यहां रखे पत्थरों की बड़ी बड़ी शिलाओं को गोंडवाना राजा द्वारा अपने सेवा मंत्र शक्ति के बल पर पत्थरों को चलाकर यहां लाये गए थे,  जैसा कि आप लोगो ने देखा होगा कि ऊंचे ऊंचे पहाड़ों पर प्राचीन किला या भवन बने होते है आप भी सोचते होंगे कि जहाँ पैदल जाने...