अमोलेश्वरधाम अमोलखोह आश्रम जिला :-उमरिया (मध्यप्रदेश)
अमोलेश्वरधाम (अमोलखोल) आश्रम
- अमोलेश्वरधाम आश्रम
अमोलेश्वरधाम (अमोलखोह) आश्रम मध्यप्रदेश के उमरिया और डिंडौरी जिले की सीमा पर स्थित प्राकृतिक सौंदर्य से भरा दर्शनीय स्थल है , उमरिया जिला मुख्यालय से इस स्थल की दूरी लगभग 45 किलोमीटर है , और डिंडौरी जिलामुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर है ..! अमोलेश्वरधाम आश्रम जंगल के बीच स्थित होने के कारण यह स्थल अत्यंत ही सुंदर एवं मनमोहक दिखाई देता है ,यह स्थान ऋषि मुनियों की तपोस्थली भी मानी जाती है ,
यहाँ के क्षेत्रीय लोग इसे अमोल आश्रम भी कहते है, जिसमे अमोल का अर्थ है "अमूल्य" (जिसकी कोई कीमत नहीं) !
यहां के दर्शनीय स्थल
*लक्ष्मण कुंड*
अमोलेश्वरधाम आश्रम के मुख्य द्वार के पास ही मौजूद है लक्ष्मण कुंड , ऐसी मान्यता है की इस कुंड में स्नान करने से कई तरह के रोग दूर हो जाते है..!
*मुख्य मंदिर
अमोलेश्वरधाम आश्रम के मंदिर प्रांगण में कई मंदिरे है यहाँ मुख्य मंदिर में भगवान शिव सपरिवार सहित विराजमान है..!
*कैलाश गुफा*
अमोलेश्वरधाम में - ऐसी मान्यता है कि यहाँ बने कैलाश गुफा में भगवान शिव स्वयं आये थे , जहाँ गुफा के अंदर एक प्राकृतिक शिवलिंग आज भी मौजूद है जिसके दर्शन करने के लिए भक्तजन दूर दूर से आश्रम में पहुँचते है ..!
*हनुमान धारा*
कैलाश गुफा से लगभग 100 मित्र की दूरी पर स्थित है हनुमान धारा , यहां पहाड़ो के पत्थरों पर हनुमान जी की प्रतिमा उभरी दिखाई देती है एवं यहाँ पहाड़ो से बूंद बूंद कर झरने की तरह पानी गिरता दिखाई देता इसलिए इस स्थान को हनुमान धारा कहते है , यह स्थल भी बहुत सुंदर है..!
*गया जी*
आश्रम में ही मौजूद है गया जी धाम , यह स्थान भी अत्यंत मनमोहन है , हालांकि यहां तक पहुचने का मार्ग अभी भूस्खलन की वजह से अत्यंत ही खतरनाक हो गया है पर लोग वहां जाते है ,
यहाँ एक प्राकृतिक झरने का सुंदर दृश्य दिखाई देता है साथ ही यहां सैकड़ो वर्षों से एक बरगद का विशाल वृक्ष है जो झरने के बिल्कुल करीब है !
इस स्थान का जल आश्रम में पीने के लिए इस्तेमाल भी किया जाता है , इसके लिए जहाँ से एक छोटी धार के माध्यम से जल को यहां लगभग डेढ़ किलोमीटर तक लकड़ी -पाइप और जमीन के माध्यम से चलाकर सीधे आश्रम के मुख्य मंदिर के पास तक लाया गया है जहाँ से आश्रम में इसे जल को इस्तेमाल करते है..!
*आश्रम के वर्तमान महंत*
आश्रम में वर्तमान में मुख्य महंत है श्री श्री 108 श्री भगतगिरी बच्चू महाराज जी, जो कि अपने बाल्यकाल से ही आश्रम में है ..!
साथ ही श्री श्री 108 श्री मंहत भगतगिरी बच्चू महाराज जी , श्री पंचदशनामी जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री भी है , यह आश्रम श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा वाराणसी की एक शाखा है..!
आश्रम में होने वाले कार्यक्रम*
आश्रम में प्रतिवर्ष शिवरात्रि में यज्ञ एवं विशाल मेला का आयोजन किया जाता है , आश्रम में गुरुपूर्णिमा , नवरात्रि, प्रत्येक अमावस्या-पूर्णिमा , एवं आश्रम के मुख्य महंत जी का जन्मदिन 23 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाता है..!
इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग आते है..!
हाल के वर्ष में प्रदेश के मुख्यमंत्री जी जब इस स्थान पर आए थे तब इस जगह को पर्यटक स्थल भी घोषित कर दिया था , जिसके तहत यहाँ कई विकासकार्य जारी है ,
यह स्थल अत्यंत सुंदर मनमोहक दर्शनीय स्थल है..
लेखक :- टीकाराम झारिया
देखे आश्रम में होने वाले कार्यक्रम की वीडियो :-





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